मोदी की मितव्ययिता अपील पर बड़ा फैसला, एक साल तक सोना नहीं खरीदेंगे अधिकारी

Major Decision on Modi's Austerity Appeal: Officials Will Not Purchase Gold for One Year

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi की मितव्ययिता, संसाधन संरक्षण और आत्मनिर्भरता की अपील को प्रशासनिक स्तर पर लागू करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कई बड़े फैसले किए हैं। सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में सरकारी खर्च कम करने, ईंधन और बिजली बचत, वर्चुअल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने और संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर अहम निर्णय लिए गए। इसी दौरान अधिकारियों ने अगले एक वर्ष तक विशेष पारिवारिक परिस्थितियों को छोड़कर सोना नहीं खरीदने का सामूहिक संकल्प भी लिया।

कृषि भवन, नई दिल्ली में आयोजित बैठक में कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), कृषि शिक्षा और भूमि संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में यह संदेश दिया गया कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच सरकार खुद संयम और बचत की शुरुआत कर रही है।

बैठक में सबसे चर्चित फैसला अधिकारियों द्वारा स्वैच्छिक रूप से एक साल तक सोना नहीं खरीदने का संकल्प रहा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे प्रधानमंत्री मोदी की अपील के प्रति गंभीर प्रतिक्रिया और राष्ट्रहित में व्यक्तिगत संयम का उदाहरण बताया। हालांकि बेटी की शादी या अन्य विशेष पारिवारिक परिस्थितियों में छूट की बात कही गई है।

प्रशासनिक खर्च कम करने के लिए गुवाहाटी और विशाखापट्टनम में प्रस्तावित दो जोनल कॉन्फ्रेंस अब फिजिकल मोड के बजाय वर्चुअल मोड में आयोजित की जाएंगी। इससे यात्रा, आवास और अन्य व्यवस्थाओं पर होने वाला खर्च कम होगा। इसके अलावा कार्यालयों में बिजली बचत के लिए लाइट, पंखे, एसी और अन्य उपकरण आवश्यकता न होने पर बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में लगभग 20 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए रोटेशन के आधार पर वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने का भी फैसला लिया गया। साथ ही सप्ताह में एक दिन कार-पूलिंग व्यवस्था लागू करने और मंत्रालय में करीब एक-तिहाई वाहनों के उपयोग को कम करने का लक्ष्य तय किया गया है, ताकि ईंधन और रखरखाव खर्च में कमी लाई जा सके।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकारी दौरों और बैठकों को अब जरूरत के अनुसार सीमित किया जाएगा और जहां संभव होगा, वहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्य किया जाएगा।

बैठक में खाद्य तेल की खपत कम करने और घरेलू तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय भी लिया गया। इसके अलावा प्राकृतिक खेती और उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए “खेत बचाओ अभियान” शुरू करने की घोषणा की गई। यह अभियान 1 जून से 15 दिनों तक पूरे देश में चलाया जाएगा, जिसमें वैज्ञानिक गांवों में जाकर किसानों को मिट्टी परीक्षण और संतुलित खाद उपयोग की जानकारी देंगे।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में बचत, संयम और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सभी प्रयासों के बावजूद खेती, खाद्य सुरक्षा और किसानों की आजीविका पर किसी भी तरह का असर नहीं पड़ने दिया जाएगा।

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